विटामिन B6, जिसे पाइरिडॉक्सिन भी कहा जाता है, शरीर के लिए जरूरी पानी में घुलनशील B-विटामिन्स में से एक है। यह मस्तिष्क के विकास, तंत्रिका तंत्र के सही कामकाज और मजबूत इम्यूनिटी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में सेरोटोनिन, डोपामिन और अन्य न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में भी विटामिन B6 की अहम भूमिका होती है।

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विटामिन B6 क्यों जरूरी है?

विटामिन B6 शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में मदद करता है। यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा के मेटाबॉलिज्म में योगदान देता है और भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में शरीर की सहायता करता है। इसके अलावा, यह लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के निर्माण, मस्तिष्क के विकास और नसों के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।

यह न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है, इसलिए मूड, नींद और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी इसकी भूमिका हो सकती है। विटामिन B6 शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर तरीके से काम करने में भी सहायता करता है।

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विटामिन B6 के फायदे

विटामिन B6 का पर्याप्त सेवन कई तरह से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है:

मूड और मस्तिष्क के लिए: यह सेरोटोनिन, डोपामिन और GABA जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करता है, जो मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण हैं।

हीमोग्लोबिन के निर्माण में: विटामिन B6 लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के निर्माण में योगदान देता है। इसकी कमी से कुछ मामलों में एनीमिया का जोखिम बढ़ सकता है।

इम्यूनिटी के लिए: यह शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को सपोर्ट करता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बनाए रखने में मदद करता है।

नर्वस सिस्टम के लिए: यह नसों के सामान्य कामकाज और मायलिन शीथ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गर्भावस्था में: विटामिन B6 कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान होने वाली मतली और उल्टी को कम करने में मदद कर सकता है।

विटामिन B6 के खाद्य स्रोत

विटामिन B6 कई प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। इसे संतुलित आहार के जरिए आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

सब्जियों में: आलू, शकरकंद, गाजर, पालक और हरी मटर

फलों में: केला, पपीता, संतरा और एवोकाडो।

दाल और फलियों में: चना, सोयाबीन, बीन्स और मसूर दाल।

मेवे और बीज: पिस्ता और सूरजमुखी के बीज

अन्य स्रोत: दूध, अंडे, चिकन, मछली, ओटमील और फोर्टिफाइड सीरियल भी विटामिन B6 के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।

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विटामिन B6 की कमी के लक्षण

विटामिन B6 की कमी आमतौर पर दुर्लभ होती है, लेकिन गंभीर कमी होने पर एनीमिया, त्वचा संबंधी समस्याएं, होंठों के कोनों में दरारें, जीभ में सूजन, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, भ्रम और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में तंत्रिका संबंधी समस्याएं और दौरे भी हो सकते हैं। कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों में विटामिन B6 की कमी का जोखिम अधिक हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से जांच और उचित उपचार जरूरी है।

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क्या विटामिन B6 की अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है?

 हां। जहां विटामिन B6 की कमी नुकसानदायक हो सकती है, वहीं लंबे समय तक इसकी अत्यधिक मात्रा, खासकर सप्लीमेंट्स के जरिए, स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। बहुत अधिक सेवन से नसों को नुकसान, हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए विटामिन B6 सप्लीमेंट्स का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

विटामिन B6 शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है, जो मस्तिष्क, नसों, रक्त कोशिकाओं, मेटाबॉलिज्म और इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केला, आलू, चना, दालें, मछली, चिकन और मेवे जैसे खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार में शामिल करके इसकी पर्याप्त मात्रा प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, सप्लीमेंट्स लेने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

संदर्भ:

स्वस्थ और रोग की स्थिति में जल में घुलनशील विटामिनों का आंतों द्वारा अवशोषण

लेखक: हमीद एम. सईद (Hamid M. Said)

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4049159/

वसा में घुलनशील विटामिन: क्लिनिकल उपयोग और क्रोमैटोग्राफिक मापन की वर्तमान चुनौतियाँ

लेखक: अली ए. अलबहरानी (Ali A. Albahrani) एवं रोंडा एफ. ग्रीव्स (Ronda F. Greaves)

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4810759/